जब भोर की पहली किरणे मेरी माँ के भवन को चूमे
जब भोर की पहली किरणे मेरी माँ के भवन को चूमे,तब पूजा अर्चन के स्वर सुन के मन भगति में झूमे,जब भोर की पहली किरणे मेरी माँ के भवन को चूमे।। झंडा जुलाई केसरी नंदन कर किरणों का वो अभिनन्दन,रंग सुनेहरा भवन पे छाया सब में है माँ का नूर समय,सूंदर प्यारा दृश्य देख के … Read more