बिनु सत्संग विवेक न होई
बिनु सत्संग विवेक न होई Binu Satsang Vivek Na Hoi – Ram Charit Manas Chaupai पोथी का बोझ भारीअहंकार की खुमारीबिनु सत्संग विवेक न होईबिनु सत्संग विवेक न होई अक्षरों में ढूँढा रास्ताराख निकला हर वास्तासिर पे चढ़ी थी धूलकागज़ बने थे शूल अंगार सा मन ये जलेसच्चा कोई साथ न मिलेबिना सत्संग विवेक कहाँबिना … Read more